
मई 2026 | संस्करण #82
चौपाल 2026
बिना किसी तय एजेंडे के बातचीत अब आपके शहर में
हैदराबाद (17 मई) | बेंगलुरु (24 मई).

उम्मीद (hope), जूनून (passion) और कोशिश (effort) – Delhi Chaupal 2026 में ये शब्द नहीं, एहसास बनकर सामने आए… कहानियों में, खामोशियों में, और उन साझा पलों में।
ज़मीनी कहानियाँ

पन्नापट्टू, तमिलनाडु – बाढ़ से लड़ने के लिए लोग अपने धान के खेतों को फिर से संवार रहे हैं।
तमिलनाडु के एक छोटे से गाँव में, दो बंद पड़े नालों के कारण कई सालों से किसानों के खेतों तक पानी पहुँचना बंद हो गया था। इस वजह से खेती और रोज़गार दोनों पर असर पड़ रहा था। जब गूंज ने गाँव के लोगों को साथ आने के लिए प्रेरित किया, तो सभी ने मिलकर इन नालों की सफाई और पुनर्जीवन का फैसला लिया। उनकी सामूहिक मेहनत रंग लाई – पानी वापस आया और खेतों में फिर से हरियाली लौट आई। यह कहानी बताती है कि कैसे मिलकर किए गए प्रयासों ने न सिर्फ धान के खेतों को, बल्कि लोगों की आजीविका और उम्मीदों को भी फिर से जिंदा कर दिया।
देउलबाड़ी-देबीपुर, पश्चिम बंगाल – माहवारी पर चुप्पी तोड़ता एक समुदाय
पश्चिम बंगाल के देउलबाड़ी देबीपुर गाँव में, मासिक धर्म से जुड़ी चुप्पी ने लंबे समय तक लड़कियों और महिलाओं को पीछे रोके रखा। इस विषय पर खुलकर बात न होने के कारण समझ और जागरूकता दोनों की कमी बनी रही। जब ‘टुकटुकी’ जैसी महिलाओं ने आगे बढ़कर इस मुद्दे पर खुलकर बात करनी शुरू की, तो धीरे-धीरे बदलाव दिखने लगा। सम्मान और समझ की नींव मजबूत हुई और समुदाय में मिलकर कदम उठाने की शुरुआत भी हुई। यह कहानी दिखाती है कि कैसे मासिक धर्म पर चुप्पी तोड़ने से लोगों की सोच बदल रही है और कई ज़िंदगियों को सकारात्मक रूप से छू रही है।

टीम 5000, आपके लिए एक निमंत्रण है।
यह उन लोगों का समुदाय है जो मानते हैं कि एक बेहतर समाज साझा ज़िम्मेदारी और लगातार साथ से बनता है। हम आपको आमंत्रित करते हैं कि हर साल, एक अधिक न्यायपूर्ण और मानवीय दुनिया के लिए इस प्रयास के साथ खड़े रहें।
क्योंकि सामग्री के साथ-साथ, आपका आर्थिक सहयोग भी इस काम को आगे बढ़ाने में ज़रूरी है।
शादी की यादों से लेकर नई शुरुआत तक: गूंज… करो! की एक कहानी
यह एक ‘गूंज…करो! की कहानी है (Christian Science Monitor पर प्रकाशित), जो हम सभी के दिल के करीब है – जब हमारी अलमारी में रखी शादी की पोशाकें किसी और की खुशी और सपनों का हिस्सा बनती हैं, तो देने का मतलब और भी खूबसूरत हो जाता है।
हमारे संस्थापक के शब्दों में, “मैरेज किट बनाने की शुरुआत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर शादी के समय पड़ने वाले बोझ को कम करने के लिए की गई थी। समय के साथ, यह कई परिवारों के लिए खुशी का कारण बना है और शहरों से जुड़े लोगों के लिए भी एक गहरी संतुष्टि देने वाला काम बन गया है। कुल मिलाकर, यह सभी के लिए एक लाभकारी स्थिति है।”

















