
अक्टूबर 2026 | संस्करण 89
यह कुछ लोगों का एक छोटा सा सपना था, जो ‘जॉय ऑफ गिविंग वीक’ (Joy of Giving Week) के रूप में शुरू हुआ और बाद में ‘दान उत्सव’ (Daan Utsav) में बदल गया। इसके बाद हमें लगा कि एक हफ्ता काफी नहीं है…
इस वीडियो में हमारे संस्थापक, अंशु गुप्ता जी से सुनिए कि हम किस-किस तरह से दूसरों के साथ चीजें साझा कर सकते हैं और यह क्यों जरूरी है – खासकर आज के समय में, जब देश के कई हिस्सों में लोग आपदाओं से उबर रहे हैं।
इस महीने क्या हो रहा है?
‘जॉय ऑफ शेयरिंग मंथ’ के आख़िरी कुछ दिनों में 54 शहरों में ‘शेयरिंग कैंप’ आयोजित किए गए। यहाँ वॉलंटियर ने लोगों के लिए ऐसे मौके बनाए, जहाँ वे अपनी चीज़ें साझा कर सकें और अलग-अलग तरीकों से इसमें शामिल हो सकें। पूरे महीने ये ‘शेयरिंग कैंप’ जारी रहेंगे।
क्या आपके पास साझा करने के लिए कोई सामान है? क्या आपके पास देने के लिए समय, हुनर या कोई कहानी है? क्या आप अपने स्कूल, दफ़्तर, कॉलेज या समुदाय के लोगों को एक साथ लाना चाहते हैं? ‘गूंज’ के साथ जुड़ने और योगदान देने का हमेशा आपको कोई न कोई तरीका मिल ही जाएगा!

अपने नज़दीकी ‘शेयरिंग कैंप’ के बारे में जानें और इसमें भाग लेने के अन्य तरीकों के बारे में भी जानें।
‘जॉय ऑफ शेयरिंग’ महीने में हुई गतिविधियों की कुछ तस्वीरें।

राहत और बाढ़ – ज़मीनी स्तर से अपडेट
बहुत से परिवार देश के कई हिस्सों में बाढ़ और दूसरी आपदाओं के बाद अपनी ज़िंदगी फिर से सँभालने की कोशिश कर रहे हैं। अब तक, हमने असम, बिहार, छत्तीसगढ़, जम्मू, कश्मीर, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, नागालैंड, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के 46 जिलों में परिवारों तक 60,000 से अधिक आवश्यक सामग्री किट पहुंचाई हैं।

ग्रीन बाय गूंज के साथ: जश्न भी, पर्यावरण का ख़याल भी
त्योहारों का मौसम आ गया है। घरों में रौनक है, अपनों से मिलने-जुलने के प्लान बन रहे हैं और अपने प्रियजनों को देने के लिए कुछ खास तोहफ़ा ढूँढ़ने का उत्साह भी है। ‘ग्रीन बाय गूंज’ की त्योहारों के लिए खास रेंज देखें। इसमें गूंज में काम कर रही महिलाओं ने बचे हुए और बेकार समझे जाने वाले सामान का दोबारा इस्तेमाल करके कई तरह के खूबसूरत और काम आने वाले उत्पाद बनाए हैं।
ऑर्डर करने के लिए
‘ग्रीन बाय गूंज’ के प्रोडक्ट को देखें और अपना ऑर्डर यहाँ से दें: https://www.greenbygoonj.com/
अधिक मात्रा में ऑर्डर देने या किसी अन्य जानकारी के लिए हमसे संपर्क करें:
फ़ोन: +91 93545 26819, 9414017614
ईमेल: [email protected]
ऑर्डर करते समय प्रोडक्ट का कोड और उसकी मात्रा ज़रूर बताएँ।
जानिए, आपके द्वारा साझा किए गए सामान से कैसे बदलाव आता है।
देबीपुर गुर्गुरिया, पश्चिम बंगाल: इस तटीय गाँव में बार-बार आने वाले चक्रवात और खारा पानी लोगों के घरों, खेतों और रोज़गार के लिए खतरा बनते हैं। गूंज की ‘क्लॉथ फॉर वर्क’ पहल के तहत, गाँव के लोगों ने मिलकर नदी के किनारे 30,000 मैंग्रोव के पौधे लगाए। इस सामूहिक काम के बदले गाँव के लोगों को शहरों से जुटाया गया ज़रूरत का सामान इनाम के रूप में दिया गया। वहीं, बढ़ते मैंग्रोव के पेड़ गाँव को चक्रवात और खारे पानी के असर से बचाने में मदद कर रहे हैं।

हमें इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।





















